ओडिशा के जाजपुर जिले में मगरमच्छ के हमले की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। पानिकोइली थाना क्षेत्र के बरेई गांव के पास खरस्रोता नदी में एक बुजुर्ग को मगरमच्छ द्वारा खींचकर पानी में ले जाने की बात कही जा रही है। घटना के करीब 24 घंटे बाद शनिवार को उनका शव नदी के किनारे बरामद किया गया। मृतक की पहचान बरेई गांव के निवासी गजेंद्र माझी के रूप में हुई है।
इस घटना के बाद इलाके के लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों को अब डर है कि नदी में मगरमच्छों की मौजूदगी उन लोगों के लिए खतरा बन सकती है, जो रोजमर्रा के कामों के लिए नदी के किनारे जाते हैं। जानकारी के मुताबिक, गजेंद्र माझी खरस्रोता नदी के पास गए थे। इसी दौरान मगरमच्छ ने उन्हें पानी में खींच लिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रसूलपुर अग्निशमन सेवा की टीम मौके पर पहुंची और बुजुर्ग की तलाश शुरू की।
बुजुर्ग की तलाश के लिए अभियान चलाया गया
अग्निशमन विभाग की टीम ने नदी में बुजुर्ग की तलाश के लिए अभियान चलाया। टीम ने पूरे दिन खोजबीन की, लेकिन पहले दिन उनका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद अगले दिन सुबह फिर से तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस दौरान साहापुर पुल के पास नदी के किनारे गजेंद्र माझी का शव मिला। स्थानीय लोगों ने शव को देखकर पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर पानिकोइली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
पुलिस ने शव बरामद करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में आगे की जांच की जा रही है। खरस्रोता नदी में एक महीने के भीतर यह दूसरी ऐसी घटना है। लगातार सामने आ रही घटनाओं से नदी के आस-पास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोग खास तौर पर उन जगहों को लेकर चिंतित हैं, जहां लोग रोजमर्रा के कामों के लिए नदी के किनारे जाते हैं। इस घटना ने नदी के आस-पास मगरमच्छों की मौजूदगी और लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महानदी में मगरमच्छ ने युवक को दबोचा
वहीं, ओडिशा के बौद्ध जिले में महानदी में मगरमच्छ के हमले की एक खौफनाक घटना सामने आई। हरभंगा ब्लॉक के मराड़ा महानदी घाट पर मराड़ा गांव के रहने वाले सुधीर बेहरा नदी किनारे शौच के लिए गए थे, तभी एक मगरमच्छ ने उन पर हमला कर उन्हें जबड़ों में जकड़ लिया और गहरे पानी में खींचने लगा। सुधीर की चीख सुनकर उनके भाई छबिंद्र बेहरा और रिश्तेदार भाई प्रमोद प्रधान नदी में कूद गए। दोनों ने करीब डेढ़ घंटे तक मगरमच्छ से संघर्ष कर सुधीर को उसके चंगुल से छुड़ा लिया।
(शुभम कुमार की रिपोर्ट)
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